दाद के कारण जीना हो गया है मुश्किल ? तो इन टिप्स के जरिए मिलेगा छुटकारा

कल्याण आयुर्वेद - दाद त्वचा से जुड़ी एक तकलीफ देह बीमारी है, जिसे रिंग वार्म या फंगल इंफेक्शन भी कहा जाता है. हालांकि यह इतनी ज्यादा कॉमन बीमारी नहीं है. लेकिन पिछले कुछ दशकों में इसका प्रकोप काफी तेजी से बढ़ा है. यह हमारी त्वचा के किसी भी हिस्से में हो सकता है. इसकी वजह से अफेक्टेड एरियाज में काफी खुजली भी होती है. वैसे तो इस इन समस्याओं को दूर करने के लिए मार्केट में कई तरह की दवाइयां और स्किन क्रीम मौजूद है. लेकिन आज हम आपको ऐसे कई नेचुरल टिप्स बताने जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप आसानी से दांत से छुटकारा पा सकते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि यह सभी सामग्री आपको अपने घर में मिल जाएगी.

दाद के कारण जीना हो गया है मुश्किल ? तो इन टिप्स के जरिए मिलेगा छुटकारा

आइए जानते हैं दर्द से छुटकारा पाने के उपाय -

1.सेब का सिरका -

एप्पल साइडर विनेगर में एंटीफंगल प्रॉपर्टी पाई जाती है जो दाद के दुश्मन की तरह काम करता है. साथ ही सेब के सिरके की मदद से कैंडिडा फंगल इन्फेक्शन का भी इलाज करना मुमकिन हो जाता है. इसके लिए एक दूरी के टुकड़े को विनोद विनेगर में भिगो दें और इफेक्टेड एरिया पर अप्लाई करें. करीब 3 दिनों तक इस उपाय को अपनाने से आपका दांत गायब हो जाएगा.

2.एलोवेरा -

इस बात से हम सभी वाकिफ हैं कि एलोवेरा हमारे लिए कितना फायदेमंद होता है. यह त्वचा की कई समस्याओं को दूर करने का समाधान माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे फंगल इंफेक्शन से भी छुटकारा पाया जा सकता है. इसके लिए एलोवेरा के पीछे के छिलके को उतार ले और उसके गूदे को संक्रमित जगहों पर लगाएं अगर एक दिन में चार से पांच बार ऐसा करेंगे तो आपको मनचाहा रिजल्ट देखने को मिलेगा.

3.लहसुन का पेस्ट -

दाद वाली खुजली काफी तकलीफ देह होती है. लेकिन इसका इस्तेमाल करने से फंगल इंफेक्शन से छुटकारा पाया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले लहसुन की कलियों को अलग कर लें और मिक्सी में पीस लें. अब इसमें नारियल तेल की कुछ बूंदें मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें और प्रभावित जगह पर लगाएं. 1 से 2 घंटे के लिए ऐसे ही छोड़ दें. ऐसा करने से आपको रिंग वर्म आजादी मिल जाएगी.

4.ओटमील बाथ -

त्वचा संबंधित समस्याओं के लिए अक्सर कोलाइड ओटमील बाथ की सलाह दी जाती है. ओटमील पेस्ट से त्वचा की खुश्की कम हो जाती है और डेड सेल्स भी हट जाते हैं, जिससे एक्जिमा के इलाज में मदद मिलता है.

5.नारियल और सूरजमुखी के बीज का तेल -

रूखी त्वचा कई समस्याओं का कारण बनती है और एग्जिमा उन्हीं में से एक है. नारियल का तेल सूरजमुखी के बीज का तेल लगाने से आपकी त्वचा में नमी बनी रहती है और एग्जिमा को दूर करने में मदद करती है.

6.नियमित योग करें -

योग करना कई समस्याओं को दूर करने का काम करता है. एग्जिमा की समस्या को दूर करने के लिए आपको भुजंगासन, वक्रासन, त्रिकोणासन, सूर्य नमस्कार जैसे कुछ योगासन एग्जिमा में फायदा करते हैं. इससे रक्त संचार सुधरता है और तनाव भी कम होता है.

7.प्राकृतिक जड़ी बूटियां -

त्रिफला, शतावरी, रक्तचंदन, तुलसी, हल्दी, नीम जैसी प्राकृतिक जड़ी बूटियों में एंटी इन्फ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं, जो एग्जिमा बैक्टीरिया और उसके बाद के प्रभावों को बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं. 

आपको यह जानकारी कैसी लगी ? कमेंट में जरूर बताइए और अगर अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को लाइक और शेयर जरूर करें. साथ ही चैनल को फॉलो जरूर करें. इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद.

Post a Comment

0 Comments