आज ही दूर कर लें यह आदत, वरना सफलता के रास्ते में बनेगी रुकावट

कल्याण आयुर्वेद - अक्सर अपने बड़ों के मुंह से सुना होगा, की सोच समझ कर चलना चाहिए. लेकिन जब यह सोचना हद से ज्यादा बढ़ जाता है, तो परेशानी बन सकता है. ओवर थिंकिंग करना बिल्कुल भी अच्छा नहीं माना जाता है. इस आदत की वजह से कई बार हम पिछड़ जाते हैं. ओवरथिंकिंग की आदत हमारी सेहत के लिए तो नुकसानदायक होती ही है. साथ ही हमारी केरियर को भी बहुत नुकसान पहुंचाती है. अगर आप भी ओवरथिंकिंग की आदत से परेशान है, तो इससे पीछा छुड़ाना बहुत जरूरी है. कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप अपनी इस आदत को छोड़ सकते हैं.

आज ही दूर कर लें यह आदत, वरना सफलता के रास्ते में बनेगी रुकावट

1.दिमाग को रखें बिजी -

कहते हैं खाली दिमाग शैतान का घर होता है. यानी अगर हम खाली बैठे हैं तो दिमाग में कुछ ना कुछ चलता ही रहता है. ऐसे में खाली बैठने की वजह से हम ज्यादा सोचते रहते हैं. अगर इस आदत से छुटकारा पाना चाहते हैं तो सबसे पहले अपने दिमाग को डिस्ट्रिक्ट करें खाली वक्त में कोई नया काम करना चाहिए या फिर कोई ऐसा काम करें, जिसमें आपको पसंद हो और जिसने आपका इंटरेस्ट हो. खाली समय में यह सभी काम करके आप दिमाग को व्यस्त रख सकते हैं और ओवरथिंकिंग करने से बचा सकते हैं.

2.मेडिटेशन -

अगर हर छोटी छोटी बात पर सोचने की आदत है, तो मेडिटेशन करना शुरू कर दें. मेडिटेशन करना बहुत ही फायदेमंद होता है. सेहत के लिहाज से यह बहुत अच्छा होता है. यह मानसिक और शारीरिक दोनों स्वास्थ्य को बनाए रखता है. मेडिटेशन करने से मन शांत रहता है और फालतू के विचार दूर रहते हैं. ओवरथिंकिंग करने वाले लोगों को अपने रोजाना के रूटीन में मेडिटेशन को जरूर शामिल करना चाहिए.

3.वर्तमान में जिएं -

कुछ लोग जल्दी निराश हो जाते हैं. थोड़ी सी परेशानियों से घबरा जाते हैं. असफलता मिलने पर बार-बार उसी के बारे में सोचते रहते हैं. ऐसे लोग अपना पास्ट याद करके बहुत ही दुखी होते रहते हैं. वह प्रजेंट में नहीं जीते हैं. ऐसे लोग ज्यादातर सोच कर अपना वर्तमान और भविष्य दोनों ही बर्बाद कर लेते हैं. ऐसी आदतों से बचना चाहिए. कोई भी चीज परमानेंट नहीं होती है. असफलता से घबराना नहीं चाहिए, बल्कि उससे कुछ सीख लेनी चाहिए.

4.परेशानी के बारे में न सोचे -

परेशानी का दुख मनाने या फिर उसके बारे में सोचने की बजाय उसका हल निकालने के बारे में सोचें. बार-बार परेशानी के बारे में सोचने से आप डिप्रेशन में भी जा सकते हैं. इसलिए जो बीत गया उसके बारे में नहीं बल्कि उसके समाधान के बारे में सोचना चाहिए. ऐसे में दिमाग क्रिएटिव भी होगा और ओवरथिंकिंग की समस्या से छुटकारा मिलेगा.

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