दिल की सेहत का रखें खास ख्याल, अपनाएं ये 5 जरूरी टिप्स, मिलेंगे जबरदस्त फायदे

कल्याण आयुर्वेद - हृदय हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक होता है. जिसका ध्यान रखना बहुत ही जरूरी और मुश्किल भी होता है. आज के जमाने में ज्यादातर लोगों को दिल से जुड़ी समस्याएं होती है. भारत में हार्ट डिजीज की संख्या इतनी बढ़ गई है, कि इसे हार्ट डिजीज की राजधानी भी कहा जाता है. हमें भी अपनी सेहत के लिए काफी सतर्क रहने की जरूरत है.

दिल की सेहत का रखें खास ख्याल, अपनाएं ये 5 जरूरी टिप्स, मिलेंगे जबरदस्त फायदे

दिल से जुड़ी बीमारियां से पीड़ित लोगों को काफी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अगर आपको कोरोनरी डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट फैलयर जैसी समस्याएं पहले से है, तो आपको बहुत ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है. वरना आपकी सेहत को खतरा हो सकता है. स्वस्थ रहने के लिए सावधानी जरूरी है. तभी आप जानलेवा बीमारियों और परेशानियों से बच सकते हैं. आज के पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसे चीजों के बारे में बताएंगे, जिनका सेवन करके आप दिल को स्वस्थ रख सकते हैं.

दिल की सेहत को लेकर रहें सतर्क -

कार्डियोलॉजिस्ट के पास दिल के मरीज अक्सर हाई ट्राइग्लिसराइड्स हाई कोलेस्ट्रॉल और हाइपरटेंशन जैसी समस्याओं को लेकर आते हैं. जिनके कारण दिल को खतरा होता है, जो लोग इन समस्याओं के साथ आते हैं. उनमें से ज्यादातर लोग फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं. तनाव में रहते हैं और अधिक वजन के कारण भी इन समस्याओं का सामना करते हैं. शुरुआत में भले ही यह स्वास्थ्य समस्याएं मामूली लगती है. लेकिन धीरे-धीरे यह दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचाने लगती है.

दिल को दुरुस्त रखने के लिए 4 टिप्स -

1.हेल्दी लाइफ़स्टाइल -

हार्ट पेशेंट के लिए यह बहुत जरूरी है कि वह अपने स्वस्थ और संतुलित जीवन शैली को बनाए रखें. नियमित तौर पर डॉक्टर के द्वारा सुनाई गई एक्सरसाइज और योग का अभ्यास करें. अपनी तरफ से कोई भी नई एक्सरसाइज ना करें वॉक पर जा सकते हैं. पैरों को स्ट्रेच करें और बैठे रहने की बजाय बीच-बीच में उठकर घर में ही 2 चक्कर लगा लें. कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी नियमित तौर पर करें. घर का बना स्वस्थ भोजन ग्रहण करें. अपने भोजन में कम फैट वाला प्रोटीन ले. इसके लिए आप चिकन और सी फूड का सेवन कर सकते हैं ताजे फल, सब्जियां, साबुत अनाज और ड्राई फ्रूट का सेवन करें. इसके अलावा अपने ब्लड प्रेशर को नियमित तौर पर मॉनिटर करें.

2.डॉक्टर की सलाह लें -

दिल के मरीज कार्डियोलॉजिस्ट की सलाह लेते रहें. अगर अस्पताल या क्लीनिक जाना मुमकिन न हो, तो ऑनलाइन कंसल्टेशन का भी भरपूर इस्तेमाल किया जा सकता है. ज्यादातर डॉक्टर भी अब ऑनलाइन कंसल्टेशन देने की तवज्जो देने लगे हैं या वीडियो कॉल के जरिए मरीज की समस्याओं को समझकर डॉक्टर उनका निदान और उपचार करते हैं.

3.दवाइयां लेना याद रखें -

भले कुछ भी हो जाए आपको अपने डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी दवाई लेना नहीं छोड़ना चाहिए. खासतौर पर हाई ब्लड प्रेशर की दवाई लेना हमेशा याद रखें. यह भी याद रखें कि जिन दवाओं को आपका डॉक्टर सुझाए सिर्फ उन्हीं दवाइयों का सेवन करें. अपनी मर्जी से कोई भी दवाई लेना शुरु ना करें. दिल की किसी भी बीमारी से ग्रसित है जो नियमित तौर पर डॉक्टर से संपर्क करें और डॉक्टर के मना करने तक इनका सेवन जारी रखें. युवाओं को भी अपने लिपिड प्रोफाइल साल में कम से कम एक बार जरूर चेक करवाना चाहिए और हर महीने ब्लड प्रेशर की जांच भी करवाना चाहिए.

4.रेगुलर टेस्ट करवाते रहें -

आप अपने शरीर और अपनी तकलीफ को सबसे ज्यादा समझते हैं. इसलिए कब डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए. यह भी आप अच्छी तरीके से समझ सकते हैं. अगर आपके परिवार में कभी भी किसी को हार्ट अटैक आया है या आपको बीपी, कॉलेसट्रोल, ट्राइग्लिसराइड और मोटापे जैसी समस्याएं हैं, तो आपको डॉक्टर के पास जाकर नियमित तौर पर जांच करवाना चाहिए.

इन फूड्स का करें सेवन -

1.हरी पत्तेदार सब्जियां -

पालक सबसे अच्छी पत्तेदार हरी सब्जियों में से एक मानी जाती है. जब भी हम दिमाग में हरी पत्तेदार सब्जियों के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहले पालक हमारे दिमाग में आता है. आपको बता दें यह सेहत के लिए बहुत जबरदस्त होता है. क्योंकि इसमें विटामिन, खनिज और एंटी ऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा पाई जाती है. यह विटामिन के का एक विशेष रूप से अच्छा स्रोत माना जाता है, जो स्वास्थ्य ब्लड के थक्के का सपोर्ट करता है और आपकी आर्टरी की रक्षा करता है. इसके अतिरिक्त पालक पर महत्वपूर्ण मात्रा में टाइटली नाइट्रेट पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करते हैं.

2.साबुत अनाज -

साबुत अनाज इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करते हैं. प्रतिदिन अपने आहार में साबुत अनाज की अतिरिक्त एक या दो सर्विस लेने से दिल की बीमारी के खतरे को 10 से 20% तक कम किया जा सकता है. हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने के लिए प्लांट बेस्ड फूड, साबुत अनाज, कम फैट वाले डेरी प्रोडक्ट और नमक का सेवन करना चाहिए.

3.मछली और मछली का तेल -

लोकल मार्केट में उपलब्ध अधिकांश मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो दिल की सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित होता है. मछली का सेवन मृत्यु दर, डिप्रेशन और दिल की बीमारी के खतरे को कम करने में मदद करता है. इसके लिए आपको अपनी डाइट में मछली को शामिल करना चाहिए. इसके साथ ही मछली का तेल भी इस्तेमाल करें.

4.बेरीज -

दिल की सेहत को बनाए रखने के लिए आवश्यक पोषक तत्व जैसे स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी, ब्लैकबेरी और रास्पबेरी महत्वपूर्ण है. एंथोसाइनइन जैसे एंटी ऑक्सीडेंट जो दिल की बीमारी को ठीक करने में मदद करते हैं. वह बैरीज ने भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं. बहुत सारे बेरीज के सेवन करने से दिल की बीमारी के जोखिम को बहुत हद तक कम किया जा सकता है. इसलिए अपने दिल को स्वस्थ रखने के लिए आप इनका सेवन जरूर करें.

5.अलसी के बीज -

अलसी के बीज फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो आपके दिल की सेहत के लिए बहुत अच्छे होते हैं. आपको अपनी डाइट में इस प्रकार के बीजों का सेवन करके सूजन, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड सहित कई दिल की बीमारी के खतरे वाले फैक्टर को कम किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त अलसी कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करने के साथ-साथ हल्दी ब्लड प्रेशर को बढ़ावा देने में भी मदद करता है. इसलिए अगर आप अपने दिल को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में अलसी के बीजों को शामिल करें.

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