इस उम्र की महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले, जानिए इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय

कल्याण आयुर्वेद - हाल के दिनों में 30 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के मामले तेजी से बढ़ते देखते जा रहे हैं. यह बाद अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन में सामने आई है. इसलिए इससे बचना बहुत ही जरूरी होता है. आज के इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि सर्वाइकल कैंसर क्या होता है. इसके शुरुआती लक्षण कैसे होते हैं और इससे बचाव कैसे किया जा सकता है.\

इस उम्र की महिलाओं में तेजी से बढ़ रहे हैं कैंसर के मामले, जानिए इसके शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय

क्या है सर्वाइकल कैंसर -

सर्वाइकल कैंसर भारतीय महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है. यह 30 वर्ष से अधिक महिलाओं में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है. कुछ प्रकार के ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के साथ लंबे समय तक चलने वाला संक्रमण सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण माना जाता है. एक सामान्य वायरस सेक्स के दौरान एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है सर्वाइकल कैंसर को बच्चेदानी के कैंसर के नाम से भी जाना जाता है.

30 से ज्यादा उम्र की महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर बढ़ने का कारण क्या है -

1.जागरूकता की कमी -

सर्वाइकल कैंसर के टीकाकरण और इसकी जांच के प्रति जागरूकता की कमी बहुत महत्वपूर्ण कारण माना जाता है. यहां तक कि शहर की शिक्षित महिलाएं भी इसकी जागरूकता को नहीं समझती है. सर्वाइकल कैंसर का टीकाकरण करवाना काफी अहम माना जाता है. इससे आपको भविष्य में यह बीमारी होने का खतरा बहुत कम हो जाता है साथ ही समय रहते इसकी जांच करवाने भी बहुत जरूरी है.

2.धूम्रपान -

धूम्रपान करने में भी महिलाएं पुरुषों जितनी तेज हो गई हैं. धूम्रपान करना सेहत के लिए बिल्कुल भी अच्छा नहीं होता है. यह बात हम सभी जानते हैं साथ ही धूम्रपान करने से कैंसर होता है यह भी हम सभी को पता है. उसके बावजूद भी युवा महिलाओं को पन करने की आदत हो चुकी है. लाइफस्टाइल की कुछ आदतें युवा महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को बढ़ा देती है. धूम्रपान करना सर्वाइकल कैंसर के लिए एक और रिस्क फैक्टर है.

3.एक से अधिक सेक्स पार्टनर -

आज के जमाने में युवा महिला और पुरुष अपने शरीर की जरूरतों को पूरा करने के लिए किसी को भी अपना पाटनर बना देते हैं. आजकल यह फैशन बन चुका है और इसमें कोई भी बुराई नजर नहीं आती है. लोग इस जरूरत को पूरा करने के लिए किसी के साथ भी रिलेशनशिप में आ जाते हैं और आपको बता दें कि यह एक कैंसर का कारक हो सकता है. कई सेक्स पार्टनर और एसटीडी की बढ़ती घटनाओं से युवा महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.

4.कम उम्र में सेक्स करना -

सांस्कृतिक परिवर्तन ने कम उम्र में यौन गतिविधियों को बढ़ावा दिया है. छोटी से छोटी उम्र में लोग आजकल शारीरिक रूप से एक्टिव हो जाते हैं. वैसे तो यह हमारी संस्कृति के खिलाफ है. लेकिन आजकल बदलती लाइफ स्टाइल में लोगों ने इसका भी मजाक बना दिया है. दरअसल ऐसी गलती करना ना केवल हमारे संस्कृति के खिलाफ माना जाता है बल्कि यह सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. कम उम्र में सेक्स करना कम उम्र में सर्वाइकल कैंसर होने का यह अहम कारण है.

सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम -

1.सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए सबसे पहले आपको अपने एवं जीवन में सुधार करना होगा. किसी के साथ भी यौन संबंध बनाने से पहले आपको कई सारी बातों का ध्यान रखना होगा और अपनी सेफ्टी का भी ख्याल रखना होगा.

2.धूम्रपान करने से भी बचना है, तभी आप सर्वाइकल कैंसर से बच सकती है. धूम्रपान हमारे शरीर में कई सारी बीमारियों और कई प्रकार के कैंसर को पैदा कर सकता है. जिनमें सर्वाइकल कैंसर भी शामिल है.

3.पैप टेस्ट  एलबीसी और एचपीवी डीएनए टेस्ट द्वारा सर्वाइकल कैंसर की जांच कैंसर में बदलने से पहले की स्थिति का पता लगाने और उसका इलाज करने का अवसर देती है.

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