बच्चे भी होते हैं गठिया के शिकार ! दिख रहे हैं ये लक्षण, तो कभी न करें नजरअंदाज

कल्याण आयुर्वेद - गठिया की बीमारी बड़ों में होना कोई बड़ी बात नहीं है. लेकिन अगर आप सुने कि बच्चे भी इसका शिकार हो सकते हैं, तो आपको थोड़ा अजीब लगेगा. क्योंकि आप सभी ने देखा और सुना होगा कि गठिया की बीमारी बुजुर्गों में होती है. परंतु अब यह बच्चों को भी प्रभावित कर रहा है. दरअसल जुवेनाइल अर्थराइटिस बच्चों को भी प्रभावित कर सकता है. बच्चों में गठिया की यह समस्या 14 साल की उम्र से देखी जा रही है. ऐसा एक रिसर्च में पाई गई रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टरों का कहना है, कि बच्चों की खराब लाइफस्टाइल के चलते उनकी सेहत को भारी नुकसान होता है. आजकल बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम हो गई है. जिसकी वजह से उनकी हड्डियों पर प्रभाव पड़ता है. साथ ही उनकी डाइट भी बहुत खराब हो गई है जिसकी वजह से भी असर पड़ रहा है.

बच्चे भी होते हैं गठिया के शिकार ! दिख रहे हैं ये लक्षण, तो कभी न करें नजरअंदाज

देखा जाए तो बच्चों को ज्यादातर फास्ट फूड और बाहर के खाने में इंटरेस्ट होता है और पैरेंट्स भी ऐसे होते हैं, कि वह अपने बच्चों की विष को पूरी करने के लिए उन्हें वहीं चीजों का सेवन करआते हैं. जबकि आपको अपने बच्चों को केवल घर के बने स्वादिष्ट और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन का सेवन कराना चाहिए. आज के इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि बच्चों में गठिया के कौन-कौन से लक्षण देखे जाते हैं. साथ ही इसे पहचान कर इससे बचने के उपाय भी बताएंगे.

तो चलिए जानते हैं बच्चों में गठिया होने का कारण -

सबसे पहले हम बात करेंगे बच्चों में गठिया होने के कारणों के बारे में. वैसे तो बच्चों में गठिया होने के कई कारण है. लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण होता है. आपकी जींस यदि आपके परिवार में जुवेनाइल अर्थराइटिस से कोई मेंबर ग्रसित रहा है, तो इसका खतरा आगे आने वाले बच्चों में भी हो सकता है. दरअसल यह कुछ एंटीजन जींस की खराबीयों के कारण होता है. जिसमें व्यक्ति का इम्यून सिस्टम उसी पर हमला करता है. वही इसके अलावा कुछ निम्नलिखित कारण भी है.

1.बच्चों में फिजिकल एक्टिविटी की कमी, 

2.बच्चों की डाइट मे कैल्शियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन की कमी, 

3.बच्चों का एक्सरसाइज ना करना, 

4.घर के बाहर खेलने ना जाना, 

5.बच्चों में धूप की कमी. आदि

बच्चों में गठिया होने के शुरुआती लक्षण -

1.बच्चों के पैर में अक्सर दर्द रहना,

2.बच्चे के पेट में दर्द की शिकायत रहना, 

3.सोकर उठने के बाद हाथ, पैर, कंधों, टखनों और कोहनी में दर्द होना, 

4.आंखों के आसपास सूजन होना, 

5.बच्चे को थकान और सुस्त महसूस होना,

6.बच्चे को भूख न लगना, बच्चे का वजन बढ़ना,

7.तेज बुखार आना, पूरे शरीर पर दाने या रेशेज होना.

गठिया का उपाय -

1.अगर आपको अपने बच्चों में गठिया के ऊपर दिए गए लक्षणों में से कुछ नजर आता है, तो इसे अनदेखा करने की गलती बिल्कुल ना करें. इसका इलाज और उपाय तुरंत करना जरूरी है. सबसे पहले आप अपनी लाइफ स्टाइल को सही करें. बच्चे की लाइफ स्टाइल को सही करने के लिए आप बच्चों को फिजिकल एक्टिविटी करने के लिए प्रेरित करें और घर से बाहर खेलने के लिए भेजें. 

2.बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रखें. क्योंकि आजकल बच्चे मोबाइल फोन में इतने व्यस्त हो गए हैं, कि उन्हें बाहर की लाइफ स्टाइल से कोई मतलब ही नहीं रहा है. जिसकी वजह से फिजिकल एक्टिविटी बिल्कुल कम हो गई है और वे बाहर खेलने जाना भी पसंद नहीं करते हैं, क्यूंकि वह मोबाइल फोन चलाना पसंद करते हैं. ऐसे में बच्चों को इन चीजों से दूर रखकर बाहर खेलने के लिए और कुछ फिजिकल एक्टिविटी करने के लिए प्रेरित करें.

3.कोशिश करें कि बच्चों को एक्सरसाइज भी करवाए. वैसे तो बच्चों को एक्सरसाइज करना पसंद नहीं आएगा. लेकिन थोड़ी बहुत एक्सरसाइज करवाकर आप उन्हें फिट रखने की कोशिश कर सकते हैं. इसके लिए आप उन्हें उनका मनपसंद एक्सरसाइज करने दें. आप चाहे तो इसके लिए उन्हें साइकिलिंग भी करवा सकते हैं, जो अक्सर बच्चों को बहुत पसंद आता है.

4.बच्चे का भोजन पर ध्यान देना भी बहुत जरूरी होता है. क्योंकि बच्चों को फास्ट फूड खाना ज्यादा पसंद होता है. ऐसे में आप उनकी पसंद को देखते हुए फास्ट फूड का सेवन बिल्कुल ना करने दें. आप कोई भी चीज बच्चे को घर पर बनाकर खिलाएं और वह भी हल्दी तरीके से. अनहल्दी चीजों का सेवन बिल्कुल भी ना करें और ना बच्चे को करने दे. अपने बच्चे के भोजन में फैटी और प्रोसेस्ड फूड के सेवन पर बिल्कुल रोक लगा दे. यह मोटापा का कारण होता है, जो आगे चलकर आर्थराइटिस की समस्या को पैदा करता है. इसके अलावा बच्चे की डाइट में हरी सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स, विटामिन सी से भरपूर फूड, दूध और पनीर जैसी चीजों को शामिल करने की कोशिश करें.

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