महिलाओं को जल्दी होती हैं ये 5 बीमारियां, जान को है खतरा

कल्याण आयुर्वेद - महिलाओं और पुरुषों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं एक दूसरे से अलग होती है. ऐसे में दोनों को होने वाली बीमारियां और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव भी अलग होते हैं. लेकिन सवाल यह है कि आखिर दोनों की स्वास्थ्य समस्याए अलग क्यूँ हैं ? दुनिया में सभी बीमारियों का प्रभाव में पुरुषों और महिलाओं पर अलग-अलग तरीके से दिखता है.

महिलाओं को जल्दी होती हैं ये 5 बीमारियां, जान को है खतरा

मासिक धर्म, गर्भावस्था, प्रसव और रजोनिवृत्ति महिलाओं के जीवन का हिस्सा है और सामाजिक स्थिति थोड़ी हल्की है. यही वजह है कि महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उनके उपचार और देखभाल पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया, समय बढ़ता गया, लेकिन महिला सशक्तिकरण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हो सका. इसकी वजह से वह भेदभाव का शिकार होते रहे. यही वजह है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन और दुनिया को दूर करने के साथ ही महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने के उपाय कर रहे हैं.

आज के पोस्ट में हम आपको कुछ ऐसी बीमारियों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जो आमतौर पर महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है और महिलाओं के लिए एक बीमारियां और भी ज्यादा खतरनाक होती हैं.

तो चलिए जानते हैं इन बीमारियों के बारे में विस्तार से -

1.कैंसर -

सबसे पहले हम बात करेंगे कैंसर के बारे में. महिलाओं में दो प्रकार के कैंसर होते हैं. स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर. महिलाओं में ये कैंसर होने का खतरा रहता है और प्रति वर्ष के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि हर साल लगभग 500000 महिलाएं इन दोनों प्रकार के कैंसर के चलते मौत का शिकार हो जाती है. अगर इन कैंसर का लक्षण पहले ही पता चल जाए, तो उनके ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है. ऐसा करने के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत है.

2.प्रजनन से संबंधित जानकारियां -

प्रजनन और उससे जुड़े कई पहलुओं पर कई अध्ययन किए जा चुके हैं. प्रजनन प्रणाली एक जटिल प्रक्रिया है, वैसे तो यूटीआई और बैक्टीरियल संक्रमण महिला की गर्भावस्था शक्ति को प्रभावित नहीं करते हैं. हालांकि भविष्य में इसका कोई दुष्प्रभाव देखने को मिल सकते हैं. प्रजनन स्वास्थ्य से जुड़े तथ्यों को जानने और समझने के लिए निम्न विषयों पर ध्यान देना आवश्यक है.

प्रजनन स्वास्थ्य के बारे में फैली अफवाहों को दूर करना,

प्रजनन और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में लोगों को जागरूक करना,

गर्भनिरोधक ओं कि प्रयोग के बारे में जागरुकता और लोगों तक इसकी उपलब्धता को आसान बनाना,

बच्चों को यौन शिक्षा और उससे जुड़ी जानकारियां देना,

3.दिल का दौरा -

आजकल देख रहे हैं, ज्यादातर लोगों को हार्ट अटैक की वजह से अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है. महिला हो या पुरुष भारत में ज्यादातर लोगों को यह दिक्कत आ रही है. सेहत का ध्यान रखने पर हिर्दय रोग होना आम बात बन चुका है और आपको बता दें कि पुरुष और महिला दोनों में यह बीमारी समान रूप से प्रभावित करती है. लेकिन पुरुषों की तुलना में महिलाओं में दिल का दौरा पड़ने की आशंका ज्यादा रहती है.

4.यौन संचारित रोग -

यौन संचारित रोग के पुरुष और महिला दोनों को प्रभावित करते हैं. लेकिन उपचार में देरी होने पर महिलाओं में ज्यादा समस्या देखने को मिलती है. अगर इसका उपचार जल्दी न किया जाए तो महिलाओं में बांझपन भी हो सकता है. महिलाओं में उसके लक्षण कई बार बहुत स्पष्ट नजर नहीं आते हैं. जिनके चलते उनका उपचार नहीं हो पाता है. इसके अलावा शराब की आदत का प्रभाव महिलाओं में स्तन कैंसर, दिल संबंधी रोग और भ्रूण के एल्कोहल सिंड्रोम जैसी समस्याएं पैदा करता है.

5.स्ट्रोक का खतरा -

पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में स्ट्रोक का खतरा ज्यादा रहता है. महिलाएं इसका शिकार ज्यादा होती है ऐसा इसलिए है, क्योंकि जहां स्ट्रोक का प्रमुख कारण पारिवारिक इतिहास, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल होता है. तो वहीं गर्भनिरोधक दवाओं, हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी और गर्भावस्था के चलते महिलाओं में स्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है, यही वजह है कि महिलाएं इसका शिकार ज्यादा हो रही है.

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