जिम में खूब पसीना बहाने पर भी कम नहीं हो रहा मोटापा ? हो सकती है यह बड़ी वजह

कल्याण आयुर्वेद - भागमभाग भरी जिंदगी में आजकल मोटापा एक बड़ी बीमारी बनती जा रही है. कमाने के चक्कर में लोग अपनी नींद और भोजन का समय भी भूल चुके हैं. इसके चलते उन्हें ओवरवेट, डायबिटीज और हाई बीपी जैसे अनेक बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है वजन कम करने के लिए लोग जिम में घंटों तक पसीना बहाते हैं, फिर भी कई लोगों का वजन कम नहीं हो पाता है. आज हम इसकी वजह के बारे में आपको बताने जा रहे हैं कि आखिर क्यों इतनी मेहनत के बावजूद भी वजन कम नहीं हो पाता है.

जिम में खूब पसीना बहाने पर भी कम नहीं हो रहा मोटापा ? हो सकती है यह बड़ी वजह

खाने के समय से सीधे जुड़ा है मोटापा -

1.मेटाबोलिज्म पर पड़ता है असर -

डॉक्टरों के मुताबिक, हमारे शरीर की फिटनेस में खाने की टाइमिंग काफी अहमियत रखती है. अगर हम रोजाना नियत समय पर सुबह शाम का खाना खाते हैं, तो हमारा शरीर उसे आसानी से पचा लेता है. ऐसा करने से हमारा मेटाबोलिज में पुष्ट हो जाता है और एनर्जी हमारे शरीर में लगती है. अगर हम एक समान वक्त पर खाना नहीं खाते हैं, तो वह भोजन पेट में अब बचा रह जाता है जिससे मोटापा धीरे-धीरे बढ़ने लगता है.

2.ओवर ईटिंग की वजह से बढ़ती है -

अगर आप एक नियमित समय पर भोजन नहीं करते हैं, तो आपका शरीर कभी भूखा रह जाएगा और कभी आप जरूरत से ज्यादा खा लेंगे. इन दोनों ही स्थितियों में आप की हड्डी और कोशिकाओं को नुकसान होता है और शरीर फूलने लग जाता है. ऐसी स्थिति में आप चाहे कितना भी जिम कर ले आपका बड़ा हुआ वजन आसानी से कम नहीं होगा.

3.जंक फूड -

हम भोजन में क्या चीजें खा रहे हैं, यह भी मोटापे को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है. अगर आप जंक फूड या पैक्ड फूड का सेवन ज्यादा कर रहे हैं तो जिम याद जोगिंग करने से आपका कभी वेट लॉस नहीं होने वाला है. इस तरह के फूडपैक को बढ़ाने का काम करते हैं. इसलिए इनसे जितना जल्दी दूरी बना ले उतना ही अच्छा होता है. इसके बजाय आप घर का बना देसी भोजन भी कर सकते हैं उससे आपका पेट फीट और वजन कंट्रोल में रहता है.

4.वजन कम करने के लिए आहार में करें -

यह बदलाव बीमारियों से बचने वजन कम करने या स्वस्थ वजन के लिए सबसे पहले आपको अपने आहार में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन लाना होगा. जिसके लिए आप सबसे पहले एक बैलेंस डाइट यानी कि संतुलित आहार लेना शुरू करें इसके लिए -

* किसी भी समय के भोजन को ना छोड़े.

* अपने भोजन को 6 भाग में बांट कर खाएं तीन बड़े और तीन छोटे.

* अपने दिन की शुरुआत जीरा पानी या नींबू पानी के साथ करें. इसके साथ भीगे बादाम, अखरोट का सेवन करें.

* सुबह के नाश्ते में प्रोटीन वाली चीजों का सेवन करें. जैसे काले चने, काबुली चने की चाट, बेसन या मिक्स दाल का चीला या फिर पनीर का सैंडविच भी खा सकते हैं.

* दोपहर के खाने एवं रात के खाने में ध्यान रखें कि आपकी थाली का एक चौथाई हिस्सा अनाज से भरा हो. एक चौथाई प्रोटीन वाली चीजों से और बाकी के आधे भाग में सब्जियां भरी है और साइड में एक कटोरी दही हो. ज्यादा भूख लगी हो तो सलाम की जितनी मात्रा हो चाहे उतनी ले सकते हैं.

* दिन के छोटे आहार में फलों का सेवन करें भुने हुए कद्दू के बीज का सेवन करें. इसके अलावा चिया के बीज, अंकुरित चार्ट, भूने मखाने, भुने हुए चने, घर पर बने हुए सलाद या ग्रीन टी के साथ सेवन कर सकते हैं. 

इन बातों का रखें ध्यान -

1.सिंपल एंड डिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से दूर रहे -

सिद्ध कार्बोहाइड्रेट वे कार्बोहाइड्रेट होते हैं. जिनमें से लाभकारी पोषक तत्व और फाइबर निकाले जा चुके होते हैं. रिफायनिंग प्रक्रिया से भोजन पचाने में आसानी रहती है जिससे आवश्यकता से अधिक खाने और कुछ बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए ध्यान रखें कि आपके खाने में सिंपल एवं रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट ना के बराबर हो इसके लिए मैदा की बनी रोटी, सफेद चावल, सफेद ब्रेड , पास्ता, नूडल, चीनी, शहद की मात्रा को कम से कम सेवन करें. इनकी जगह पर आप साबुत अनाज, चोकर वाला आटा, भूरे चावल, काले चावल में, अनाज की रोटी, ज्वार, बाजरा, रागी आदि का सेवन कर सकते हैं.

2.प्रोटीन अवश्य लें -

प्रोटीन धीरे डाइजेस्ट होता है, जो हमारे पेट को ज्यादा देर तक भरा हुआ महसूस कराता है. इसके साथ ही यह हमारे शरीर में मांसपेशियां बनाने एवं मरम्मत का भी काम करता है. इसलिए अपने भोजन में दाल, राजमा, छोले, दही, पनीर, अंडा, चिकन जरूर शामिल करें. यह सभी प्रोटीन से भरपूर होते हैं. यदि भोजन से जरूरत पूरी नहीं हो पाती तो आप अपने डॉक्टर से पूछ कर कोई प्रोटीन सप्लीमेंट भी ले सकते हैं.

3.उत्तम प्रकार के वसा का सेवन करें -

हमेशा उत्तम क्वालिटी के वसा का सेवन करें. इसमें जैतून, सरसों, सूरजमुखी आदि का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा बादाम अखरोट सूरजमुखी के बीज कद्दू के बीच में भी उत्तम प्रकार की वर्षा पाई जाती है. मछलियों एवं मछलियों का तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है.

4.फाइबर की मात्रा बढ़ाएं -

फाइबर युक्त भोजन की मात्रा बढ़ाएं. ऐसे फाइबर जो पानी में आसानी से भूल जाते हैं विशेष रूप से सहायक होते हैं. क्योंकि इस प्रकार के फाइबर से पेट भरे होने का एहसास होता है. साथ ही इसे पचाने के लिए ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता होती है. जिससे वजन को कम करने में मदद मिलती है. इसके अलावा कई प्रकार के फाइबर, मैत्रीपूर्ण आउट बैक्टीरिया का भोजन भी होते हैं. स्वस्थ व्यक्ति के जोखिम को कम करने में मदद करता है. पेट की समस्याएं जैसे पेट में सूजन और दस्त आदि से बचने के लिए आप अपने आहार में फाइबर को शामिल करें. इनके लिए भोजन में सलाद साबुत अनाज, अलसी के बीज, हरी सब्जियां, रेशेदार फल आदि का सेवन करें. इसके अलावा दोपहर के एवं रात के खाने से पहले सलाद या क्लियर सूप लेने से भी फाइबर की मात्रा बढ़ाने में मदद मिलेगी.

5.अधिक से अधिक फल और सब्जियों का सेवन करें -

फल और सब्जियां वजन कम करने में सहायक खाद्य पदार्थ है. पानी पोषक तत्व और फाइबर से समृद्ध होने के अलावा इसमें बहुत कम है. जी डेंसिटी होती है जिससे बिना ज्यादा कैलोरी का सेवन किए इन्हें अधिक मात्रा में खाना संभव होता है. कई अध्ययनों से यह पता चला है कि जो लोग अधिक फल और सब्जियों का सेवन करते हैं, उनका वजन जल्दी नहीं बढ़ता है. इनके लिए फलों में सेब, संतरा, मौसमी, पपीता, खरबूज, तरबूज, आलूबुखारा जैसे फलों का सेवन करना चाहिए और सब्जियों में लौकी बैंगन तरोई भिंडी पालक मेथी आदि आसानी से ले सकते हैं.

6.खाने के साथ बुरी आदतें छोड़ें -

खाने से संबंधित गलतियां करते हैं, इन्हें करने से बचना चाहिए. जैसे कई लोगों को खाना खाने के बाद मीठा खाने का शौक होता है. परंतु यह एक गलत आदत है. इसलिए आपको आज से ही खाने के बाद मीठा खाने की आदत को बदल देना चाहिए. खाने के साथ जूस या कोल्डड्रिंक का सेवन करने से बिल्कुल बचना चाहिए. देर रात में खाना खाने से बचें, जिससे कि एक्स्ट्रा कैलोरी के उपयोग से बच पाएंगे.

7.नियमित व्यायाम करें -

स्टडी से पता चला है कि लंबे समय तक बैठना धूम्रपान करने के बराबर है. किसी भी स्थान पर 1 घंटे से ज्यादा बैठना नुकसानदायक हो सकता है. पूरे दिन एक्टिव रहने की कोशिश करें अपने पसंदीदा खेल जैसे क्रिकेट, बैडमिंटन और टेनिस आदि खेलों एक्स्ट्रा वजन कम करने में मदद मिलेगी. अगर जिम में व्यायाम करना है, तो ध्यान रखें कि कार्डियो वेट ट्रेनिंग और स्ट्रेचिंग तीनों आपके व्यायाम में शामिल हो.

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