कहीं आप भी तो नहीं खा रहे नकली गुड़ ? इस तरह करें असली और नकली की पहचान

कल्याण आयुर्वेद - ठंड के मौसम में गुड़ का सेवन करना बढ़ जाता है. वैसे तो हर मौसम में ही गुड़ की बिक्री होती है लेकिन सर्दियों के दिनों में बाजार में मिलने वाले गुड़ की बात ही कुछ और होती है, इसकी तासीर गर्म होती है. इसलिए शरीर में गर्माहट बनाए रखने के लिए लोग ठंड के मौसम में इसे खाते हैं कई लोग शक्कर की जगह गुड का इस्तेमाल ही करते हैं, क्योंकि यह सेहतमंद भी होता है. इसका स्वाद तो अच्छा होता ही है. साथ ही यह आयरन और विटामिन सी जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होता है. इसके तमाम फायदों का लाभ आप तभी ले पाएंगे, जब गुड़ शुद्ध होता है.

कहीं आप भी तो नहीं खा रहे नकली गुड़ ? इस तरह करें असली और नकली की पहचान

लेकिन आप इस बात की गारंटी कैसे ले सकते हैं कि जिस गुड़ का सेवन कर रहे हैं वह पूरी तरीके से शुद्ध है. दरअसल आजकल पैसा कमाने के चक्कर में दुकानदार नकली गुड़ बनाकर बेच रहे हैं, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है, तो चलिए हम आपको बताते हैं अच्छी गुणवत्ता वाले गुड़ की पहचान कैसे करनी चाहिए.

गुड़ क्या है -

गुड़ एक सुपर फूड और स्वीटनर है, जो गन्ने से बनाया जाता है. यह कच्चे गन्ने के रस को उबालकर बनाया जाता है. यह 20% इनवर्टर शुगर, 50% सुक्रोज और 20% नमी और कई तरह के घुलनशील पदार्थ से बनता है. इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, पोटेशियम, जिंक, प्रोटीन, विटामिन बी की प्रचुर मात्रा पाई जाती है. जिसकी वजह से यह चीनी का हेल्दी ऑप्शन माना जाता है. गन्ने के रस को बालों में डालने से पहले घंटे तक उबाला जाता है और फिर इसे सख्त होने के लिए रख दिया जाता है.

वहीं चीनी को पैक करने से पहले क्रिस्टलाइजेशन के साथ कई अन्य प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है. इस प्रकार स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बन जाती है.

गुड़ की शुद्धता जांचने के तरीके -

1.आमतौर पर अच्छी क्वालिटी के गुण में अच्छा रंग अच्छा स्वाद और कठोरता होनी चाहिए.

2.आप जब भी गुड़ खरीदने जाते हैं, तो सबसे पहले इसे थोड़ा सा चखने के लिए मांगे. गुड़ का स्वाद केवल मीठा होना चाहिए. यदि इसमें जरा भी नमकीन स्वाद आ रहा है तो समझ जाए कि जिस गुड़ को आप खरीद रहे हैं वह नकली है. आपको बता दें कि जितना पुराना गुड़ होता है उतना ही नमकीन होता जाता है.

3.यदि चखने पर गुड में कड़वापन महसूस हो रहा है, तो इसका मतलब है कि उबरने की प्रक्रिया के दौरान कई केमिकल युक्त से गुजरा है.

4.यह जानने के लिए कि गुड़ शुद्ध है या नहीं, इस पर किसी भी तरह के क्रिस्टल की जांच करें. क्रिस्टल की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि इसे मीठा बनाने के लिए कई प्रक्रिया से गुजारा गया है.

5.गुड़ इतना ज्यादा सख्त हो होगा कि उसकी शुद्धता की गारंटी उतनी ज्यादा होगी. इससे यह बात साबित होता है कि गन्ने को उबालने पर किसी तरह के केमिकल वगैरह का इस्तेमाल नहीं किया गया है.

ऐसा होता है नकली गुड़ का रंग -

गुड़ का रंग भी शुद्धता की पहचान करने का अच्छा तरीका माना जाता है. आदर्श रूप से गुड़ का रंग गहरा भूरा होना चाहिए. लेकिन अगर आपके द्वारा खरीदे गए गुड़ में पीला रंग नजर आ रहा है, तो यह असली नहीं है. इसका पीला रंग रासायनिक उपचार का संकेत है. इस गुड़ को अगर आप पानी में डालेंगे तो मिलावटी चीजें बर्तन में नीचे बैठ जाएंगे, जबकि यह शुद्ध होगा तो पूरी तरीके से पानी में घुल जाएगा.

गुड़ का वजन बढ़ाने के लिए क्या करते हैं लोग -

आमतौर पर मिलावटी दूध में कैल्शियम और सोडियम बाय कार्बोनेट मिलाया जाता है. कैल्शियम कार्बोनेट गुड़ में इसलिए मिलाया जाता है. ताकि इसका वजन बढ़ जाए, जबकि सोडियम बाय कार्बोनेट का इस्तेमाल पीला रंग मिलाने के बाद इस के लुक को निखारने के लिए किया जाता है.

गुड़ खरीदने के बाद यह बातें याद रखें -

1.कहीं चार पाउडर तो नहीं मिला है -

अधिकांश विक्रेता गुड में चार पाउडर मिला देते हैं, अगर आपको इसकी पहचान करनी है, तो ट्रांसपेरेंट बर्तन में एक कटोरा पानी ले और गुड़ के एक टुकड़े को पानी में घोल दें. अगर गुड़ नकली होगी, तो पाउडर पानी में नीचे बैठ जाएगा.

2.आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल -

रंग देने के लिए आर्टिफिशियल कलर का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी शुद्धता की पहचान करने के लिए आधा चम्मच घोलें. इसमें 6 मिलीलीटर डालकर मिक्स कर लें. अब इसमें बूंद हाइड्रोक्लोरिक एसिड मिलाएं. अगर गुड़ गुलाबी रंग का हो जाए तो इसका मतलब है, इसमें आर्टिफिशियल कलर मिलाया गया है.

आपको यह जानकारी कैसी लगी ? हमें कमेंट में जरूर बताइए और अगर अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को लाइक तथा शेयर जरूर करें. साथ ही चैनल को फॉलो जरूर कर लें. इस पोस्ट को पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद.

Post a Comment

0 Comments