डायबिटीज है तो सर्दियों में बरतें ये सावधानियां, रहेंगे स्वस्थ

कल्याण आयुर्वेद- आजकल डायबिटीज बहुत ही आम बीमारी बन चुकी है. इससे पुरुष ही नहीं बल्कि महिलाएं भी ग्रसित हो रही है. डायबिटीज से ग्रसित लोगों को हमेशा ही सावधानियां बरतने की जरूरत होती है क्योंकि खान-पान में अनियमितता होने पर ब्लड शुगर लेवल असंतुलित होने लगता है जिससे परेशानियों का सामना करना पड़ता है. आज के इस लेख में हम डायबिटीज के मरीजों को सर्दियों में किन सावधानियों को बरतना चाहिए, के बारे में बताने की कोशिश करेंगे.

डायबिटीज है तो सर्दियों में बरतें ये सावधानियां, रहेंगे स्वस्थ

चलिए जानते हैं विस्तार से-

सर्दियों के मौसम में मधुमेह के साथ जी रहे लोगों के शरीर में कुछ असंतुलन होने की संभावना रहती है क्योंकि उनकी दिनचर्या एवं खानपान की आदतों में बदलाव आ जाता है. तापमान में लगातार गिरावट ब्लड ग्लूकोज के स्तर को असंतुलित कर सकती है. इसलिए डायबिटीज के साथ जी रहे लोगों को विशेष रूप से अपने संपूर्ण स्वास्थ्य और ब्लड ग्लूकोज स्तर का ध्यान रखना चाहिए. दरअसल, तापमान में परिवर्तन हमारे लिए कई बदलाव लेकर आता है विशेष रूप से यह हमारी दिनचर्या और हमारी खानपान की आदतों को बहुत प्रभावित करता है. सर्दियों में हमारी सुबह की सैर और अन्य व्यायाम बहुत ही अनियमित हो जाते हैं. साथ ही हमारे खाने में गरिष्ठ भोज्य पदार्थों का भी मिश्रण होने लगता है जैसे- गुड़, गजक, हलवा, घी इत्यादि.

सर्दियों के मौसम की एक और चुनौती जिसका हम सबको सामना करना पड़ता है वह है धुआं मिश्रित प्रदूषण. जिसकी वजह से अन्य बीमारियों की गंभीरता और अधिक बढ़ जाती है.

इन दिनों कुछ छोटे-छोटे बदलाव एवं सामान्य उपाय से मधुमेह की गंभीरता से अपने आप को सुरक्षित रखा जा सकता है.

1 .पैरों की देखरेख-

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अक्सर मधुमेह के कारण रक्त वाहिनिओं में संकुचन उत्पन्न हो जाता है. इससे पैरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. सर्दियों के मौसम में यह समस्या अधिक हो सकती है इसलिए गंभीर समस्याओं से सुरक्षित रहने के लिए सर्दियों में पैरों की नियमित रूप से देखभाल करने की आवश्यकता होती है.

सूजन, त्वचा में सूखी दरारें, फफोले, खरोच या कट जैसी असामान्य चीजें देखने पर तुरंत ही इलाज करें. पैरों को नियमित रूप से मोस्चराइज करें. अपने पैरों को साफ और सूखा रखना जरूरी है क्योंकि नम होने पर अवांछित बैक्टीरिया और संक्रमण को आमंत्रित कर सकते हैं. पैर के नाखूनों को क्रीम करें. पैर के नाखूनों को कभी भी बहुत छोटा ना करें. उचित फुटवियर पहनें. ऐसे फुटवेयर पहने जो गर्माहट प्रदान करें. पर्याप्त पेडिंग प्रदान करें. पैरों की नमी बनाए रखें. सूती मोजे और आरामदायक जूतों का इस्तेमाल करें.

2 .विटामिन डी-

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सर्दियों में ठंड एवं प्रदूषण के कारण घर में बंद रहने की मजबूरी के कारण पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती है. ऐसे में डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी की अतिरिक्त खुराक सेवन करें. जब भी संभव हो धूप में कुछ समय बिताएं. सुबह 10:00 बजे से लेकर शाम 3:00 बजे तक कभी भी एक- आधा घंटा धूप में बैठा जा सकता है.

3 .पर्याप्त पानी पिएं-

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सर्दियों के मौसम में अक्सर हम उतना पानी नहीं पीते हैं जितना सामान्य दिनों में पीते हैं और हमारे शरीर को आवश्यक है. जिसके कारण स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. एक दिन में कम से कम 7-8 गिलास पानी जरूर पिएं. ग्रीन टी और सूप के रूप में भी पानी की मात्रा को संतुलित किया जा सकता है.

4 .योग और व्यायाम-

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इस बढ़ते हुए प्रदूषण में एक बात तो निश्चित है कि हमें भीड़- भाड़ वाली स्थिति से बचना चाहिए. लेकिन स्वयं को सक्रिय रखने के लिए घर के अंदर की जाने वाली शारीरिक गतिविधियों जैसे योग एवं हल्के व्यायाम निश्चित रूप से करते रहना चाहिए. योग ना सिर्फ हमें शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है. बहुत ज्यादा ठंड में सैर या बाहर जाने वाली गतिविधियों से बच कर रहना चाहिए.

5 .हरी सब्जियां एवं रेशे युक्त भोजन करें-

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सर्दियों का एक लाभ बहुत अच्छा है कि इस समय सभी प्रकार की हरे पत्तेदार व मौसमी सब्जियां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो जाती है. अतः भोजन में उनकी आवश्यक मात्रा का मिश्रण करें. इन्हें मिलाकर तरह-तरह की भरवां रोटी, सूप, सलाद आदि का नियमित रूप से सेवन करें. इन दिनों में बादाम एवं अखरोट का नियमित सेवन करना काफी लाभदायक होता है इसके लिए आप 8- 10 बादाम या 2 अखरोट प्रतिदिन सेवन कर सकते हैं.

6 .नियमित जांच करें-

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ब्लड शुगर लेवल की जांच करने में बिल्कुल भी लापरवाही ना बरतें क्योंकि सही समय पर की जाने वाली जांच ही सही उपचार की पहली कड़ी है इसके लिए आजकल कई तरह के ग्लूकोस मॉनिटरिंग उपकरण उपलब्ध है जिसकी मदद से हम ब्लड ग्लूकोस की जांच नियमित रूप से कर सकते हैं शुगर लेवल में किसी भी तरह की अनियमितता आने पर आप डॉक्टर से अवश्य सलाह लें

नोट- उपर्युक्त बातों को ध्यान में रखकर डायबिटीज को नियंत्रण में रख सकते हैं यह लेख शैक्षणिक उद्देश्य से लिखा गया है अधिक जानकारी के लिए योग्य चिकित्सक की सलाह लें धन्यवाद

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